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990 स्कूलों में बनेंगे पार्क


990 स्कूलों में बनेंगे पार्क

 शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल में स्कूलों को माडर्न स्कूल बनाने की मुहिम में कुल्लू के 990 स्कूलों को माडर्न स्कूल बनाने की प्रक्रिया को अंजाम देना शुरू किया जा रहा है। इसमें 750 प्राइमरी, 132 मिडल व 52 हाई स्कूलों के साथ-साथ 56 सीनियर सेकेंडरी स्कूल क्षेत्र के शामिल किए गए हैं। जिला के अब 990 इन स्कूलों में राज्य सरकार शिक्षा की अच्छी प्रणाली के साथ-साथ माडर्न स्कूल का दर्जा भी उन्हें देगी और हर स्कूल में जहां बच्चों को खेलने के लिए विशेष पार्क बनाए जाएंगे, वहीं प्राइमरी स्कूल से लेकर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में लाइब्रेरी का निर्माण भी करवाया जाएगा। यही नहीं स्कूलों में अध्यापकों की संख्या पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा और सभी स्कूलों में अध्यापकों के पदों को भरकर शिक्षा की प्रणाली में भी सुधार लाया जाएगा। फिलहाल इन दिनों जिला स्तर पर शिक्षा विभाग द्वारा एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जो इन सभी स्कूलों का निरीक्षण कर उनकी वर्तमान स्थिति तथा रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्र के 990 स्कूलों में जहां छात्रों के बैठने के लिए डेस्कों की व्यवस्था होेगी, वहीं छात्रों को उनके पाठ्यक्रम संबंधित पुस्तकें भी राज्य सरकार   उपलब्ध करवाएगी।  इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए तैयारियां जोर शोर से श्ुरू की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में जिला के छह स्कूलों के भवनों को असुरक्षित घोषित किया गया है। अतः इनके भवन के पुनः निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को जल्द  स्कूलोें के भवन तैयार करने के आदेश जारी किए हैं। शिक्षा उपनिदेशक प्रदीप शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार की इस नई योजना के तहत कुल्लू के 990 स्कूलों का प्रारूप पूरी तरह से बदल जाएगा और इन्हें माडर्न स्कूल का दर्जा दे दिया जाएगा। सभी स्कूलों की इंस्पेक्शन के लिए कमेटी का गठन कर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।


आभार :दिव्य हिमाचल

स्मार्ट क्लासें

शिमला जिले के अस्सी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लासें तो बन गई है, लेकिन अभी तक इक्का दुक्का स्कूलों में ही स्मार्ट क्लास में बच्चों को पढ़ाई करने का मौका मिला है। अधिकांश स्कूलों में बच्चों को स्मार्ट क्लास के दर्शन तक नहीं हो पाए हैं। हां, कागजों में जरूर इन कक्षाओं को चलता हुआ दिखाया जा रहा है। लिहाजा, अब शिक्षा विभाग ने स्मार्ट कक्षाओं को टाइम टेबल में दर्शाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही कक्षाओं का रजिस्टर अलग बनाने के लिए कहा है। औचक निरीक्षण के दौरान रजिस्टर चैक होंगे। नियम के मुताबिक कक्षाएं न लगाने वाले अध्यापकों पर कार्रवाई होगी।  जुलाई 2011 में आईसीटी (इनफोरमेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) के तहत स्मार्ट क्लास कंसेप्ट लागू हुआ। शिक्षा विभाग के रिकार्ड के मुताबिक जिला शिमला में कुल 117 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास प्रस्तावित की गई। अब तक अस्सी स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं तैयार हो चुकी हैं। एलसीडी, प्रोजेक्टर और पाठ्यक्रम से संबंधित सोलह सीडी का सेट इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों को मुहैया करवाए जा चुके हैं। तमाम अधोसरंचना मुहैया करवाई जा चुकी हैं। बावजूद इसके मौजूदा वक्त में स्मार्ट क्लास रूम प्रोजेक्ट छात्रों के लिए कारगार साबित नहीं हो पा रहे हैं।  उधर, शिक्षा उपनिदेशक बलदेव कुमार भारद्वाज का कहना है कि इस संबंध में संबंधित स्कूल प्रधानाचार्यों को सूचित किया जा चुका है। स्कूल के टाइम टेबल में स्मार्ट क्लास दर्शानी होगी। कक्षा का रजिस्टर रखना भी लाजमी है। जिसमें तमाम ब्यौरा मौजूद होना चाहिए। किसी भी समय स्मार्ट क्लास की गतिविधियों का निरीक्षण किया जा सकता है।

स्कूलों में ब्लोगिंग


संवादHPGSअन्तरजाल पर विचरण करते हुए पाया कि भारत कि अपेक्षा विदेशों के स्कूलों में ब्लोगिंग का अधिक रुझान है! स्कूलों की अधिकतर जानकारी साईटों या ब्लोग पर उपलब्ध होती है! भारत में विशेषकर हिमाचल प्रदेश में सूचनाओं के आदान प्रदान में सरकारी स्कूल बहूत पीछे हैं! वर्तमान समय में इन्टरनेट की उपयोगिता से कोई इन्कार नहीं कर सकता! मन में विचार आया कि क्यों ना प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिये ब्लोग बनाये जाये ताकि सुचनाओं के साथ साथ स्कूल की गतिविधियां प्रकाशित हो!आज अन्‍तरजाल पर अनेक ऐसे सर्वर है जहां नि:शुल्‍क ब्‍लोग बनाये जा सकते है। इसके अतिरिक्‍त आजकल डोमेन भी सस्‍ते में मिल जाते है।   यह सभी नि:शुल्‍क है यह इसलिये कि हमारे सरकारी स्कूल किसी से पीछे ना रहे ! ब्‍लोग बनाने के लिए यहां किल्‍क करें