साक्षर भारत मिशन 2012 के तहत देश के पिछड़े जिलों में शुमार चंबा जिला में निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए अपनाए गए शिक्षा के मॉडल का आंध्र व कर्नाटक राज्यों द्वारा अनुसरण करने के बाद अब शिक्षा क्षेत्र में देश भर में अव्वल दर्जा प्राप्त केरल राज्य इसी तर्ज पर विकास का नया मॉडल अपनाएगा। साक्षर भारत मिशन के तहत दिसंबर अंत से लेकर जनवरी दस तक चलने वाले जन संवाद कैंपेन की तर्ज पर केरल राज्य में विकास का नया मॉडल अपनाने के लिए जनसंवाद पदयात्रा का आगाज होगा। हिमाचल के इस अनुभव को केरल ने अपनाने का निर्णय लिया है और विकास का नया मॉडल अपनाने के लिए केरल शास्त्र साहित्य परिषद (केएसएसपी) अपना अहम रोल निभाएगी। पंचायत स्तर पर विकास से संबंधित इस पदयात्रा में लोगों के सुझाव लेकर वहां की सरकार को इसका रिपोर्ट कार्ड प्रेषित किया जाएगा। राज्य संसाधन केंद्र शिमला के निदेशक डा. ओपी भूरेटा ने इसकी पुष्टि की है। गौर हो कि हिमाचल का अकेला जिला चंबा देश भर में पिछड़े जिलों में शामिल है। उधर, शिक्षा की अलख जगाने के लिए शुरू किए जा रहे इस जन संवाद कैंपेन का अनुसरण करते हुए केरल राज्य ने इसी तर्ज पर वहां पर विकास का नया मॉडल अपनाने को लेकर जन संवाद पदयात्रा शुरू करने का फैसला लिया है। इस कार्य के लिए ज्ञान-विज्ञान समिति की सिस्टर आर्गेनाइजेशन केरल शास्त्र साहित्य परिषद अपनी अहम भूमिका निभाएगी। क्योंकि केरल शिक्षा में तो अव्वल है ही अब उसने विकास का नया मॉडल अपनाकर देश भर में पहला पायदान झटकने की जुगत भिड़ा दी है। केरल राज्य की तमाम ग्राम पंचायतों का दौरा कर जनता के सुझाव व दिक्कतें जानने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट कार्ड तैयार कर सरकार को प्रेषित किया जाएगा। सुझाव के आधार पर ही वहां विकास का नया मॉडल बनाने के लिए अगला महत्त्वाकांक्षी प्लान बनेगा।
शिक्षा के मॉडल का अन्य राज्यों द्वारा अनुसरण
Posted by :हिमशिक्षा
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सोमवार, दिसंबर 12, 2011
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