शिमला — केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत 220 शैक्षिक दिवस निर्धारित कर रखे हैं,लेकिन प्रदेश में शैक्षणिक सत्र के अधिकांश दिन छुट्टियों में ही बीत जाते हैं। हिमाचल में मुश्किल से 200 शैक्षिक दिवस पूरे हो रहे हैं। इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। छोटी कक्षाओं को छोड़कर बड़ी कक्षाओं का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाता है। शिक्षा विभाग के छुट्टियों के शेड्यूल के मुताबिक प्रदेश में 52 दिन का अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा साल में करीब 29 दिन सार्वजनिक अवकाश, 12 वैकल्पिक अवकाश, 52 रविवार, 12 सेकेंड-सेटर-डे, पांच-छह दिन स्कूल लोकल होली-डे के कारण बंद रहते हैं। इसके अलावा महिलाओं को रक्षा बंधन, भैयादूज व करवाचौथ पर छुट्टी से भी बहुत से स्कूलों में अवकाश रहता है। यानी 165 दिन छुट्टियों में ही बीत जाते हैं। यही नहीं जिन शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों पर गैर-शिक्षण कार्य थोपे जा रहे हैं,उन स्कूलों में मुश्किल से 100 शैक्षिक दिवस पूरे हो रहे हैं। इन दिनों करीब 2000 शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है। इससे पूर्व शिक्षक मतदाता सूची में संशोधन कर चुके हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बच्चों को मजबूरन ट्यूशन सेंटरों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। शिक्षा मंत्री आईडी धीमान के मुताबिक राज्य सरकार स्कूलों में शिक्षण दिवस को बढ़ाने के लिए विभाग के अधिकारियों से विचार-विमर्श करेगी। इसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।।आभार दिव्य हिमाचल
छुट्टियों में बीत जाता है साल
Posted by :naresh
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सोमवार, दिसंबर 05, 2011
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