हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जमा एक में बच्चों का संकाय एप्टीटयूट टेस्ट के आधार पर तय किया जाएगा। इसके लिए फरवरी माह में टेस्ट करवाने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग केंद्र सरकार के साथ करार करेगा। इसके बाद प्रदेश में टेस्ट के आधार पर संकाय आवंटन की प्रक्रिया को अपनाया जाना है। पहले साल विभाग इस टेस्ट के अंकों के आधार पर बाध्य नहीं करेगा, लेकिन अभिभावकों को बच्चों की रुचि के आधार पर सुझाव देगा। प्रदेश में दसवीं कक्षा में छात्र ने कितने अंक हासिल किए हैं, इस आधार पर बच्चों को जमा एक में संकाय चुनने के लिए अंकों को जद्दोजेहद नहीं करनी पड़ेगी। एप्टीटूट टेस्ट में मुख्य रूप से बच्चों की रुचि का आकलन किया जाएगा। यदि किसी बच्चे का रुझान साइंस संकाय में दिखता है और अंक कम होंगे तो भी अभिभावकों को शिक्षकों की ओर से बच्चे को साइंस संकाय में भेजने का सुझाव दिया जाएगा। इसी आधार पर वाणिज्य और कला संकाय के लिए बच्चों की रुचि देखी जानी है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री आईडी धीमान ने बताया कि रुचि के मुताबिक, संकाय लेने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और बच्चों के भविष्य में भी यह फैसला मददगार साबित हो सकता है।
जमा एक कक्षा के लिए एप्टीटयूट टेस्ट
Posted by :हिमशिक्षा
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मंगलवार, नवंबर 22, 2011
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