हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की तरफ से वोकेशनल कोर्स में टॉपर रहे पप सिंह की कहानी सफल हिंदी फिल्म के कथानक की तरह है। इस कहानी का कथानक सत्य घटना पर आधारित है, जिसमें अनपढ़ मां-बाप का बेटा प्रदेश भर में प्लस टू वोकेशनल कोर्स वार्षिक परीक्षा अव्वल रहा। पिता रति राम और माता आशा देवी के अनपढ़ होने के बावजूद पप सिंह ने अपने दम पर पढ़ाई कर परिवार और स्कूल का नाम रोशन किया।राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ननखड़ी जिला शिमला के प्रिंसिपल राज कुमार जिस्टू ने पप सिंह को उसके जुझारूपन को देखते हुए कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित किया। अंग्रेजी विषय के शिक्षक विवेक मेहता के अनुसार प्रिंसिपल के प्रेरणास्वरूप व्यवहार के चलते पिछले वर्ष स्कूल के एक अन्य छात्र ने वोकेशनल कोर्स में सातवां स्थान प्राप्त किया। पप सिंह ने कहा वह वोकेशनल कोर्स में टॉपर रहने के बाद मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहता है। परिवार की आर्थिक स्थिति संतोषजनक न होने के बावजूद पप सिंह को अपनी मंजिल पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
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