हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ की शिमला जिला इकाई ने सरकार से पदोन्नत प्राध्यापकों की दोहरी वरिष्ठता सूची को खत्म करने की मांग की है। संघ ने कहा है कि मुख्याध्यापकों के पदों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत सिर्फ स्नातक अध्यापकों से भरा जाए। संघ के जिला अध्यक्ष लाल चंद चंदेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजीव मोहन सिंह, महासचिव हरविंद्र कंवर, वरिष्ठ उप प्रधान निहाल कंवर, महेंद्र चौहान, कृष्ण ठाकुर, प्रवक्ता जितेंद्र ठाकुर, राकेश कटवाल, कोषाध्यक्ष अमर चौहान तथा सलाहकार हरनाम धर्मा ने संयुक्त बयान में सरकार से उक्त मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पदोन्नत प्राध्यापकों के पदाधिकारी संघ के आगामी चुनाव को देखते हुए भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं। बयानबाजी करने वाले पदोन्नत प्राध्यापकों के पदाधिकारी शायद यह भूल रहे हैं कि प्रारंभिक शिक्षा प्रणाली लागू कर टीजीटी के लिए संकट मोचक बनने का श्रेय लेने की कोशिश में वे यह भूल गए हैं कि उन्होंने टीजीटी के लिए सृजित मुख्याध्यापकों के 2692 तथा खंड प्रारंभिक अधिकारियों के 117 पदों को समाप्त करवा टीजीटी वर्ग के पदोन्नति के रास्तों को बंद करवा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पदोन्नत प्राध्यापक संघ के कई सदस्य नवीं व दसवीं को पढ़ाना अपनी शान के खिलाफ समझते हैं, मगर उच्च पाठशालाओं में मुख्याध्यापक बनने से उन्हें कोई गुरेज नहीं। संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि विभाग छह हजार पदोन्नत प्राध्यापकों को लाभ देने के मकसद से 18 हजार स्नातक अध्यापकों के हितों को ताक पर रख रहा है।
दोहरी वरिष्ठता सूची को खत्म करने की मांग
Posted by :हिमशिक्षा
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गुरुवार, दिसंबर 22, 2011
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