प्रदेश के अध्यापक अब अपने पढ़ाने की तकनीक में बदलाव करने के साथ-साथ अपनी कैपासिटी भी बढ़ाएंगे। सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान के तहत पढ़ाई में मैथोलॉजी, टीचिंग टेक्नीक, एक्टिवीटीज व असेस्मेंट लाने के लिए योजना तैयार कर कार्य शुरू कर दिया है। यह योजना प्रदेश में पहले पायलट आधार पर चलेगी। विभाग ने इस योजना के तहत प्रथम चरण में पायलट आधार पर चार जिलों बिलासपुर, सोलन, सिरमौर व किन्नौर के 100 स्कूलों को शामिल किया है। प्रत्येक जिला के 25 स्कूलों के आध्यापकों को छह-छह दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार ने अध्यापकों को ट्रेंड करने का जिम्मा स्वयंसेवी संस्था लर्निंग लिंक फाउंडेशन को सौंपा है। संस्था के एक्सपर्ट प्रतिनिधि प्रदेश में जिला स्तर पर वर्कशाप आयोजित कर अध्यापकों को पढ़ाने की क्षमता में वृद्धि करने की तकनीक बताएंगे। यही नहीं, अध्यापकों को पढ़ाने के तरीके में भी बदलाव करने के गुर सिखाए जाएंगे। इस योजना के तहत पायलट आधार पर चयनित स्कूलों के प्रत्येक अध्यापक को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद यह अध्यापक अपने स्कूलों में कक्षाओं के दौरान नई तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। चयनित स्कूलों के मुख्याध्यापकों व प्राचार्यों को यह प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है और अब चयनित स्कूलों के जेबीटी, टीजीटी, सी एंड वी व साइंस अध्यापकों को क्रमवार यह प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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